उद्देश्य

1.   सिन्धी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहन और बढावा देना।

2.  राज्य में स्थित सिन्धी संस्थाओं/संगठनों के कार्यो में समन्वय एवं सहयोग स्थापित कराना।

3.   समाज में प्रतिष्ठित पुरूष और महिलाओं को पत्रों के माध्यम से साहित्य के क्षेत्र से जुडी संस्थाओं आदि को प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान करना और ऐसी साहित्यिक संस्थाओं की            स्थापना करना।

4.    राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सिन्धी भाषी विद्यालयों द्वारा आयोजित साहित्यिक गोष्ठियां, सम्मेलनों के विचार धाराओं का आदान-प्रदान करने की प्रक्रिया को बढावा एवं प्रोत्साहन देना।

5.    साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं, यहां तक कि पुस्तकों और शोध पत्रों को सिन्धी भाषा में छपवाना।

6.    संबंधित सिन्धी संगठनों के लिये लाइब्रेरी व रीडिंग रूम की स्थापना करना व लाइब्रेरियों, विद्यालयों व सार्वजनिक वाचनालायों को पुस्तकें व मैगजीनें उपलब्ध कराना।

7.    राजस्थान सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट १९५८ के तहत सिन्धी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं को मान्यता देना तथा जो सिन्धी भाषा, साहित्य व कला संस्कृति के विकास के लिये कार्य करें उन्हें आर्थिक सहायता देना।

8.    किताबों, प्रदर्शनियों, मुशायरों और साहित्यिक कार्यक्रमों के माध्यम से देश में सांस्कृतिक और साहित्यिक सम्‍पर्क स्थापित करना।

9.    योग्य और अनुभवी लेखकों, कवियों और बुद्धिजीवियों को स्कॉलरशिपफैलोशिप तथा पुरस्कार आदि प्रदान करना।

10.    सिन्धी भाषा के लेखकों और कवियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिये मान्यता प्रदान करना तथा उनके साहित्यिक कृतियों के प्रकाशन के लिये धन उपलब्ध करवाना।

11. व्याख्यान, सेमीनार, सम्मेलनों तथा सर्वेक्षणों के आयोजनों के माध्यम से सिन्धी भाषा और साहित्य का उत्थान करना।