उपलब्धियां

वित्तीय वर्ष 2017-18 में अर्जित उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण

राज्य सरकार द्वारा सिन्धी भाषा, साहित्य, कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु वर्ष 1979 में राजस्थान सिन्धी अकादमी की स्थापना की गई। अकादमी की प्रमुख प्रवृतियों के अन्तर्गत सिन्धी लोक संस्कृति, लोक कला, भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में नवीन योजनाओं को क्रियान्वित करना एवं शोध कार्य को प्रोत्साहित करना, सिन्धी भाषा की श्रेष्ठ पुस्तकों, पत्रिकाओं, शोध ग्रंथों का प्रकाशन, उच्च कोटि के लेखकों, कवियों, विद्वानों को पुरस्कार, सम्मान, फेलोशिप एवं होनहार सिन्धी विद्यार्थियों को छात्रवृति प्रदान करना, सिन्धी संस्कृति व साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा विकास हेतु राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाऐं, गोष्ठियों, शिविरों, सम्मेलनों, सेमीनारों आदि का आयोजना करना है।

राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य निधि (आयोजना मद) में अकादमी को 35.00 लाख रू. की बजट राशि के प्रावधान किये गये। वित्तीय वर्ष 2017-18 में अर्जित उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार हैः-

·         27 अप्रेल, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         19 मई, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         राज्य के विभिन्न शहरों जयपुर, उदयपुर, पाली एवं अजमेर में एक-एक माह की सिन्धी अरबी लिपि शिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

·         सिन्धी विषय लेकर अध्ययनरत कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों हेतु सिन्धी देवनागरी लिपि की पाठ्य-पुस्तकें महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मण्डल, पूना से क्रय कर राज्यभर के स्कूलों में निःशुल्क वितरित की गई।

·         28 जून, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         27 जुलाई, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         26 अगस्त, 2017 को राज्य के विभिन्न शहरों जयपुर, उदयपुर, अजमेर, पाली के 6 स्थानों पर सिन्धुपति महाराजा दाहिरसेन जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

·         1 सितम्बर, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         17 सितम्बर, 2017 को पूज्य सिन्धी पंचायत सैक्टर-4, मालवीय नगर, जयपुर के सहयोग से मालवीय नगर, जयपुर में असू चण्ड के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

·         27 सितम्बर, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         30 अक्टूबर, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         30 अक्टू. 2017 को राज्य सरकार द्वारा अकादमी इतिहास में प्रथम बार अकादमी अध्यक्ष को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा दिया गया। समस्त सिन्धी समाज के लिये यह अत्यन्त गर्व का विषय था तथा सिन्धी समाज एवं साहित्य जगत द्वारा राज्य सरकार की बहुत सराहना की गई।

·         ’’पाण्डुलिपि प्रकाशन सहयोग योजना’’ के अन्तर्गत 5 लेखकों की अप्रकाशित पाण्डुलिपियों को 18,000/- प्रति पाण्डुलिपि आर्थिक सहयोग राशि स्वीकृत की गई।

·         सिन्धी भाषा स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उदयपुर में भारतीय सिन्धु सभा के सहयोग से, हनुमानगढ़ टाउन में पूज्य सिन्धी पंचायत के सहयोग से, जोधपुर में सिन्धी यूथ वेलफेयर सोसायटी के सहयोग से,  पाली में भारतीय सिन्धु सभा के सहयोग से, पदमपुर में सिन्धी समाज समिति के सहयोग से, जयपुर में पूज्य सिन्धी पंचायत गोबिन्द नगर एवं विद्याधर नगर पूज्य सिन्धी पंचायत के सहयोग से, अलवर में स्वामी लीलाशाह सेवा मण्डल के सहयोग से एवं भीलवाड़ा में सिन्धी समाज झूलेलाल मन्दिर मण्डल के सहयोग से जिला स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

·         24 नवम्बर, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         26 नवम्बर, 2017 को भारतीय सिन्धु सभा के सहयोग से उदयपुर में सिन्धी भाषा स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

·         अकादमी की वार्षिक पत्रिका ’’रिहाण’’ का प्रकाशन किया गया। जिसमें देशभर के साहित्यकारों की नवीनतम रचनायें प्रकाशित की गई।

·         सिन्धी भाषा स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय सिन्धु सभा राजस्थान के सहयोग से 9 दिवसीय सिन्धी भाषा स्वर्ण जयंती रथयात्रायें 7 संभागों में तीर्थराज पुष्कर (अजमेर) से रवाना होकर राज्य के 100 से अधिक नगरों में 150 स्थानों पर सिन्धी भाषा के प्रति लगाव एवं जागृति उत्पन्न करने के लिये विविधि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

·         26 दिसम्बर, 2017 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         21 जनवरी, 2018 को उदयपुर में अखिल भारतीय सिन्धी समाज के सहयोग से संभाग स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

·         21 जनवरी, 2018 - अमर शहीद हेमू कालाणी शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में राज्य के 14 शहरों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

·         24 जनवरी, 2018 डेक्कन कालेज, पूना में सिन्धी विषय लेकर अध्ययनरत गैर सिन्धी भाषी विद्यार्थियों के जयपुर आगमन पर अकादमी कार्यालय में स्वागत-सत्कार किया गया।

·         30 जनवरी, 2018 को अकादमी कार्यालय, जयपुर में मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

·         4  फरवरी,  2018 को जयपुर में अखिल भारतीय सिन्धी लेखक एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सेमीनार में ’’राजस्थान जे सिन्धी अदब में नवाण’’ एवं ’’मौजूदा दौर में सिन्धी बोलीअ जो आइन्दो’’ विषयों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में देशभर से आये 80 साहित्यकारों ने भाग लिया। अखिल भारतीय सिन्धी कवि सम्मेलन में 20 कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा राज्य मंत्री प्रो0 वासुदेव देवनानी थे।

·         25 फरवरी, 2018 को सुखाडिया रंगमंच, उदयपुर में ’’राज्य स्तरीय सिन्धी नाट्य समारोह’’ का आयोजन किया गया। जिसमें जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर एवं अजमेर के नाट्य दलों द्वारा 4 श्रेष्ठ सिन्धी नाटकों का मंचन किया गया।

·         राज्य के राजकीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में वित्तीय वर्ष 2016-17 में सिन्धी विषय लेकर 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 504 विद्यार्थियों को 5.22 लाख रू. की छात्रवृति/प्रोत्साहन राशि वितरित की गई।

·         जरूरतमंद सिन्धी साहित्यकारों/साहित्यकारों की विधवाओं को आर्थिक सहयोग योजना के अन्तर्गत साहित्यकारों को 20,000/- की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

·         17 मार्च, 2018 को झूलेलाल भवन, हिरण मगरी से. 4, उदयपुर में राज्य स्तरीय सिन्धी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य के 15 कवियों ने काव्यपाठ किया।

·         25 मार्च, 2018 को जयपुर में वार्षिकोत्सव, सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अकादमी द्वारा वर्ष के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया किया। इसके अतिरिक्त देश के सुप्रसिद्ध सिन्धी कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया किया।

·         वार्षिकोत्सव, सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में अकादमी की वार्षिक पत्रिका ’’रिहाण’’ एवं अकादमी के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।